
मंडे का दिन सुबह 8:00 बजे जानवी के घर में बहुत चहल-पहल थी इस बीच जानवी के कानों मे चिल्लाने की आवाज पड़ी "अब उड़ भी जा 8:00 बज गए हैं आज तेरा annual day है। आज तेरा डांस परफॉर्मेंस है" चल जल्दी उठ जा और तैयार हो जा कॉलेज जाना है। और यह आवाज थी जानवी की मां स्वरा शुक्ला की।
जानवी यह आवाज सुनते ही तुरंत उठकर बैठ गई। और एक अंगड़ाई लेते हुए कहती है चल उठ जा जानवी आज तेरा डांस परफॉर्मेंस है अपने डांस से स्टेज पर आज आग लगा देनी है तुझे और खुश होते हुए नहाने चली जाती है डांस करना जानवी का शौक था । उसे डांस करना बहुत अच्छा लगता था।
जानवी की फैमिली मैं उसके पापा रवि शुक्ला और उसके दो छोटे भाई थे जो जुड़वा थे, और उनका नाम था करन और अर्जुन था जानवी अपने परिवार को बहुत ही प्यार करती थी उसके लिए उसका परिवार ही सब कुछ था उसके छोटे से परिवार में उसकी उसकी जान बसती थी। चुलबुली सी जानवी जहां भी जाती खुशियां ही खुशियां भर देती।
जानवी की उम्र 19 साल,hight 5.3, गोरा रंग काले लंबे सिल्की बाल ,कजरारी आंखें बड़ी-बड़ी, तीखी सी छोटी नाक, गुलाबी हार्ट शेप होठ, निचले होंठ के नीचे काला तिल छोटा सा कुल मिला जूला कर बेहद खूबसूरत।
"जानवी जानवी उठी कि नहीं यह लड़की भी ना" जानवी की मां ने कहा।
आ गई मां। जानवी ने अपने रूम से आते हुए कहा।
जानवी ने आज लाइट पर्पल कलर का कुर्ता और वाइट कलर का प्लाजो पहना था ।आंखों में काजल छोटी सी काली बिंदी और चेहरे पर कोई मेकअप नहीं खुले गीले बाल जिनमें से टपकती पानी की बूंद उसके कुर्ते को भगा रही थी।
पूजा किया नहीं की बस थोड़ी-थोड़ी चली आई जानवी की मां ने कहा जानवी ने कहा कर ली मां आज मेरा इतना बड़ा दिन है मुझे भगवान की आशीर्वाद की और आपके आशीर्वाद की बहुत जरूरत है यह कहते हुए अपनी मां को पीछे से उसने गले लगाया जानवी अपनी मां के बहुत करीब थी जानवी की मां ने कहा अब चल नाश्ता कर ले आज तेरा डांस है ना तो तुझे एनर्जी की भी जरूरत होगी इसलिए ऑरेंज जूस भी पी लेना जानवी ने हंसते हुए हां में सर हिलाया जानवी के पापा ने कहा यह साल तुम्हारा लास्ट ईयर है इसके बाद क्या करने का इरादा है कुछ सोचा है इस पर जानवी के भाई ने कहा पापा आप भी कैसी बातें करते हैं हमें जल्द से जल्द दीदी की शादी करके उन्हें उनके घर भगाना है उन्हें यहां ज्यादा दिन तक रोकना खतरे से खाली नहीं है आए दिन नए-नए कांड करती रहती हैं लोगों से लड़ाई करती है हमें उन्हें जल्द से जल्द शादी करके उन्हें घर भेज देना चाहिए यह कहकर वह और उसके भाई हंसने लग लगे जानवी ने उन्हें घर कर देखा और उसके पापा भी हंसने लगे जानवी ने कहा पापा मुझे बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई करनी है आगे मैं बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई करना चाहती हूं फिलहाल तो मेरा शादी-वादी का कोई इरादा नहीं है और मैं काम से कम 10-20 साल तक और यहीं पर रहने वाली हूं ऐसा कह कर अपने भाई के सर पर धीरे से मारा और दौड़ती हुई कॉलेज के लिए चली गई क्योंकि आज उसका डांस परफॉर्मेंस थी उसे रिहर्सल भी करनी बाहरी उसे उसका दोस्त चैतन्य मिल गया जो कि कर के साथ उसका वेट कर रहा था जानवी ने कहा तुम रोज मुझे ड्राइवर की तरह लेने क्यों आ जाते हो और हंसने लगी और जानवी ने उसकी कर में बैठे हुए कहा कि रास्ते में तुम रिया और मयंक को भी लेते हुए चलना वह मेरे दोस्त है चैतन्य ने मुंह बनाते हुए कहा मैं चैतन्य जयकर हूं यह सर्विस सिर्फ तुम्हारे लिए है मैं किसी का ड्राइवर नहीं हूं इस पर जानवी ने उसे गुस्से से घूरते हुए देखा और कहा एक काम करो गाड़ी रुको और मुझे भी उतरना है मेरे ड्राइवर बनने की भी तुम्हें कोई जरूरत नहीं है वह मेरे दोस्त है तो मेरे साथ ही जाएंगे इस पर चैतन्य ने हंसते हुए कहा अरे मैं तो मजाक कर रहा था उन्हें भी ले लूंगा तुम्हारे दोस्तों मेरे दोस्त भी हुई ना चैतन्य असल में एक बिजनेसमैन था पर वह जानवी को बहुत पसंद करता था पर जानवी अभी बहुत छोटी थी इसीलिए उसने जानवी को अपनी मन मन की बात नहीं बताई ताकि कहीं वह डर के उससे दोस्ती भी ना तोड़ दे उसने सोचा जब सही समय आएगा तो वह जानवी से अपने रिश्ते की बात करेगा
और दूसरी तरफ डाइनिंग टेबल पर नाश्ता करने के लिए कुछ लोग बैठे थे साथ ही बातचीत भी कर रहे थे अचानक से सबकी नजर ऊपर से आते हुए शख्स पर गई 6.2 फीट हाइट मस्कुलर बॉडी ब्लैक ब्राउन हेयर हल्का गोरा रंग भूरी आंखें पतले होंठ तीखी नाक एक्सप्रेशन लेस बेहद हैंडसम एंड डीसेंट फेस ये था हमारा हीरो सिद्धार्थ राठौर राठौर ग्रुप ऑफ़ कंपनी का इकलौता मालिक।
सिद्धार्थ की मां अनुराधा राठौर सिद्धार्थ से कहने लगी सिद्धार्थ अब तुम्हारी उम्र धीरे-धीरे 29 साल होने को आई तुम शादी कब करोगे बेटा मैं अपनी एक फ्रेंड कि बेटी को तुम्हारे लिए पसंद किया है। और मै आज ही उसके साथ तुम्हारी एक डेट फिक्स करवाती हूं तुम उसके साथ डेट पर जाओगे वह बहुत ही सुंदर और संस्कारी लड़की है प्लीज बेटा उससे मिलो अब मेरी भी उम्र हो गई है पता नहीं अब कितनी जिंदगी बची है सिद्धार्थ ने उन्हें बीच में ठोकते हुए कहा कि मॉम अपना इमोशनल अत्याचार आज मुझ पर मत कीजिए क्योंकि आज मेरे पास बिल्कुल भी टाइम नहीं है मेरी बैक टू बैक इंटरनेशनल मीटिंग है तो आज आपके इमोशनल ड्रामा का मुझ पर कोई असर नहीं होगा और रही बात शादी की तो मैं शादी नही करने वाला हूं तो प्लीज अपने यह एफर्ट्स डालना बंद कर दीजिए
तभी सिद्धार्थ के बड़े भाई अभिनव राठौर जो की सिद्धार्थ की चाची का बड़ा बेटा था पर सिद्धार्थ उसे अपने बड़े भाई की तरह ही मानता था और वह भी सिद्धार्थ को इतना ही प्यार करता था अभिनव ने कहा सिद्धार्थ आज तुम्हारी मीटिंग्स तो है पर तुम्हें आज हमारे कॉलेज में भी जाना पड़ेगा तुम्हें पता है ना वह कॉलेज पिताजी ने बनवाया था और हम उसके ओनर है इस नाते हर साल में जाता था पर मुझे अभी आउट ऑफ कंट्री निकालना है तो आज तुम्हें ही कुछ भी करके मैनेज करके वहां जाना पड़ेगा हर साल की तरह वहां आज एनुअल डे है और इतना कह कर वह चलने के लिए खड़े हुए और जाते हुए मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा क्या पता वहां तुम्हें कोई अच्छी लड़की भी पसंद आ जाए इस पर सिद्धार्थ ने उन्हें घूर कर देखा और कहा नो चांस
इस पर अभिनव ने कहा ओके पर ध्यान से चले जाना की जरूरी है आई विल मैनेज
फिर अपनी मां को देखकर कहा हम अब तो बिल्कुल भी चांस नहीं है आपकी फ्रेंड की बेटी से मिलने का सॉरी और इतना कह कर मुस्कुराते हुए अपनी मां के माथे पर किस करके वह ऑफिस के लिए निकल गया
ऑफिस जाकर अपने असिस्टेंट करन से कहा कि आज कॉलेज भी जाना है इसलिए पहले वहां जाकर एनुअल फंक्शन अटेंड करेंगे और वहां से थोड़े से समय जाकर निकल आएंगे जल्दी से इस पर वह ओके करके गाड़ी रेडी करने चला गया सिद्धार्थ ऑफिस से निकलकर कॉलेज जाने के लिए निकला एक जगह पर उसे एक मोड़ मिला और वही सामने से एक और गाड़ी आ रही थी जल्दबाजी में दोनों गाड़ी की टक्कर हो गई सिद्धार्थ के गार्डों तुरंत अलर्ट हो गए और उन्होंने उसे गाड़ी को चारों ओर से घेर लिया हालांकि सिद्धार्थ की रोल्स-रॉयस को ज्यादा कोई नुकसान नहीं हुआ और सामने वाली गाड़ी की हेडलाइट टूट गई थी गार्ड को देखकर थोड़ी देर के लिए गाड़ी के अंदर बैठे लोग डर गए थे और यह गाड़ी किसी और कि नहीं चैतन्य की थी जिसमें जानवी अपने कॉलेज जा रही थी सारे कार्ड ने गाड़ी का शीशा तोड़कर चैतन्य और बाकी सब को बाहर निकाला और बंदूक के सामने खड़ा कर दिया यह देखकर जानवी को बहुत ही ज्यादा गुस्सा आया उसने चिल्लाते हुए गार्ड को कहा एक तो गलती करते हो जल्दी बाजी में गाड़ी हमारे ठोक दी और ऊपर से हमें ही बंदूक दिखा रहे हो इन नकली बंदूक से मैं नहीं रहती मुझे इतना कहकर वह सिद्धार्थ की गाड़ी की तरफ बड़ी और कांच खटखटाकर ड्राइवर को बाहर आने का इशारा किया और सिद्धार्थ यह सब बैठ गाड़ी के अंदर से ही देख रहा था उसे जानवी पर बहुत गुस्सा आ रहा था क्योंकि जाने की वजह से उसका बहुत टाइम वेस्ट हो रहा था उसने कारण से कहा इस लड़की के मुंह पर पैसे फेंको और जल्दी यहां से निकले करण गाड़ी से बाहर निकला उसने जानवी से कहा तुम्हारा जो भी नुकसान है हम भर देंगे और गलती हमारी नहीं गलती तुम्हारी थी तुमने रॉन्ग साइड से टर्न लिया इस पर जानवी ने कारण का कॉलर पकड़ लिया और कहां ज्यादा होशियारी मत दिखाओ गलती तुम्हारी थी और अपने पैसे का जोर कहीं और दिखाना समझे मुझ पर नहीं जैसे ही उसने कारण का कॉलर पकड़ा सिद्धार्थ तुरंत बाहर निकाल और उसने अपनी दमदार आवाज में कहा लड़की इतना ज्यादा ड्रामा करने की जरूरत नहीं है गलती तुम्हारी थी और अपनी गलती ना मन कर ऊपर से मुझ पर रोज जम रही हो तुम्हें पता भी है मैं हूं कौन जानवी नहीं सिद्धार्थ का मजाक उड़ाते हुए कहा क्यों तुम्हारी याददाश्त चली गई है तुम्हें नहीं पता तुम कौन हो और इतना कहकर वह जोर-जोर से हंसने लगी सिद्धार्थ को उसे पर बहुत गुस्सा आया क्योंकि जिंदगी में पहली बार किसी ने उसका मजाक उड़ाया था उसने जानवी के हाथ को पड़कर मरोड़ कर उसके पीछे लगा दिया और कहां मुझसे ज्यादा होशियारी मत दिखाना तुम्हारी जान लेने में एक पल नहीं लगेगा मुझे समझी जानवी ने कहा मेरा हाथ छोड़ो मुझे दर्द हो रहा है इस पर सिद्धार्थ नहीं धीरे से उसका हाथ छोड़ दिया पर जानवी ने अपना हाथ छूटते ही तुरंत सिद्धार्थ के मुंह पर एक तमाचा जड़ दिया और यह तमाचा पढ़ते ही कुछ सेकेंड के लिए जैसे सब कुछ रुक गया करने अपनी आंखें बड़ी करते हुए सिद्धार्थ और जानवी को दिखा चैतन्य भी सिद्धार्थ को जानता था क्योंकि सिद्धार्थ एक जाना पहचाना चेहरा था और सिद्धार्थ के सनकीपन को सभी लोग जानते थे कि वह अपने दुश्मनों के साथ कैसा सुलूक करता है और जाने अनजाने में जानवी ने सिद्धार्थ से दुश्मनी मोर ले लिए चैतन्य को जानवी के लिए डर लगने लगा यहां सिद्धार्थ अपनी लाल-लाल आंखों से देख रहा था जैसे आंखों से ही उसे चला डालेगी जैसे ही सिद्धार्थ ने जानवी पर हाथ उठाने के लिए अपना हाथ उठाया करने तुरंत आकर रोक दिया कहां सर यहां पब्लिक है सब देख रहे हैं प्लीज पब्लिक की शो क्रिएट हो जाएगा चलिए यहां से सिद्धार्थ ने चारों तरफ देखा तो वहां लोग जमा थे इस पर उसे और भी गुस्सा आया कि जानवी ने उसकी इमेज खराब कर दी उसने जानवी से कहा तुम्हें इसकी बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और जिंदगी भर चुकानी पड़ेगी जस्ट वेट एंड वॉच तुम्हारी जिंदगी को हेल ना बना दिया तो मेरा नाम भी सिद्धार्थ राठौर नहीं तो जानवी ने भी उसे कहा तो अपना नया नाम ढूंढ लो क्योंकि मेरा नाम भी जानवी है इतनी आसानी से हार नहीं मानती मैं चैतन्य फटाफट आ गया या और जानवी से कहां जान भी चलो वहां से और सिद्धार्थ से माफी मांगी उसने कहा सॉरी सर जानवी की तरफ से मैं आपसे माफी मांगता हूं वह भी बच्ची है उसे इतनी समझ नहीं सिद्धार्थ ने चैतन्य की तरफ नहीं देखा वह सिर्फ और सिर्फ जानवी को घूरता रहा और जीतने की बात का कोई जवाब नहीं दिया और जाकर गाड़ी में बैठ गया ।
गाड़ी में बैठकर सिद्धार्थ जोर-जोर से सांस ले रहा था उसने एक हाथ अपने बालों में फिर आया और कारण से कहां इस लड़की की पूरी कुंडली मेरे सामने होनी चाहिए शाम तक करण ने घबराते हुए उससे कहा जाने दीजिए सर कोई टीनएजर थी बच्ची थी गलती हो गई उसे माफ कर दीजिए सिद्धार्थ ने उनसे घूरते हुए कहा वह बच्ची क्या तुम्हारी बहन थी उसने मुझ पर हाथ उठाया है सिद्धार्थ पर आज तक किसी की हिम्मत नहीं हुई मुझे घूर कर देखने की और इस पिद्दी सी लड़की ने मेरे मुंह पर तमाशा जोड़ दिया यह तमाचा मेरे ईगो क को लगा है जिसका खामियाजा इसी जिंदगी भर बुक करना पड़ेगा यह बोलते हुए सिद्धार्थ की आंखों में एक अजीब सा पागलपन था उसने कारण से कहा जो कहा है वह करो वरना उसे लड़की के पहले तुम्हारा काम तमाम कर दूंगा कारण घबरा गया उसने कहा ओके सर शाम तक काम हो जाएगा सिद्धार्थ ने कहा यही तुम्हारे लिए अच्छा होगा और आगे निकल गया
सिद्धार्थ कॉलेज गया कॉलेज के प्रिंसिपल ने उसका स्वागत किया सभी लोगों ने उसके लिए तालियां बजाई सिद्धार्थ ने सबको इग्नोर करते हुए जाकर अपनी सीट पर बैठ गया एक के बाद एक परफॉर्मेंस होती गई अंतिम में एक परफॉर्मेंस करने एक सुंदर सी लड़की आई और उसने एक गाने पर डांस करना शुरू किया और गाना था
रघुकुल रीत सदा चली आई
प्राण जाए पर वचन न जाए
जय रघुवंशी अयोध्यापति रामचंद्र की जय
सियावर रामचंद्र की जय
जय रघुवंशी अयोध्यापति रामचंद्र की जय
सियावर रामचंद्र की जय
(म्यूजिक)
इसी म्यूजिक के साथ एक लड़की अपनी धुन में नाचती जा रही थी और सिद्धार्थ उसे लड़की को खा जाने वाली नजरों से देख रहा था। क्योंकि वह लड़की कोई और नहीं जानवी थी
घर मोरे परदेसि आ आ आ
आओ पधारो पिया या आ
रघुवर तेरी राह निहारे
सातों जन्म से सिया
घर मोरे परदेसि आ आ आ
आओ पधारो पिया आ आ
और यहां जानवी का डांस खत्म हुआ और उसमें सबको नमस्ते किया और जैसे ही वह जज की तरफ नमस्ते करने के लिए मुड़ी उसकी आंखें फटी की फटी रह गई वह अपनी बड़ी-बड़ी आंखों से अपनी मौत को सामने देख रही थी मैं सिद्धार्थ जब उसने सिद्धार्थ को ओनर की कुर्सी पर बैठे हुए देखा एक पल के लिए वह डर गए पर उसने खुद को संभालते हुए मुस्कुराते हुए डांस खत्म किया
अब बारी थी विनर की और जहां जानवी हो वहां कोई और कोई विनर हो ही नहीं सकता और जज ने जानवी का नाम अनाउंस किया और जानवी को अवार्ड देने के लिए सिद्धार्थ आ गया और घूमते हुए जानवी को अवार्ड दिया जानवी उसकी आंखों में देखा और अवार्ड ले लिया और थैंक यू कहा सिद्धार्थ ने धीरे से उसके कानों में कहा जैसे आज नाच रही थी ना उसी तरह अपने इशारों पर तुम्हें जिंदगी भर न जाऊंगा मैं देख लेना तुम्हारा घमंड तोड़ दिया तो फिर मेरा नाम पर सिद्धार्थ नहीं जानवी एक पल के लिए डर गई और वहां से चली गई अवार्ड लेकर यहां जानवी चेंजिंग रूम में आई और कुछ टाइम अवार्ड को देखने के बाद में चेंज करने के लिए उठी वैसे ही रिया उसके रूम में आई और कहा जानवी यह क्या हो गया जिसे तूने पंगा लिया है वह हमारे कॉलेज का ओनर है अब अगर उसने कोई प्रॉब्लम क्रिएट की तो क्या करेंगे उसकी बात सुनकर जान में थोड़ी टेंस हो गई उसने कहा कि मैं उसे जाकर माफी मांग लूंगी क्योंकि मैं स्कॉलरशिप से यहां आई हूं अगर उसने मुझे यहां से निकाल दिया मेरे सारे सपने अधूरे रह जाएंगे रिया ने कहा यही ठीक रहेगा तो सिद्धार्थ सर के पास जाओ और उनसे माफी मांग ले ध्यान भी नहीं धीरे से सर हा में हिलाया।
तब से एक लड़का है उसने रिया से कहा कि तुम्हें वर्मा सर बुला रहे हैं रिया उनकी बात सुनकर तुरंत चली गई जानवी ने अपनी ड्रेस की चैन खोलने के लिए हाथ पीछे किया पर उसकी चेन तक उसका हाथ नहीं पहुंच रहा था वह मशक्कत कर रही थी तभी अचानक किसी का हाथ उसकी कमर पर उसने महसूस किया वह एक पल के लिए घबरा गई वह चिल्लाने को हुई पर उसे इंसान ने अपने हाथ को उसके मुंह पर रख दिया जिससे वह चिल्ला ना सके और सामने आईने में देखा तो वहां सिद्धार्थ था जो उसे आईने में से घूर रहा था। जिसे देखकर जानवी डर गई सिद्धार्थ ने अपना हाथ उसकी चेन की तरफ बढ़ाया और धीरे-धीरे उसकी चेन नीचे की तरफ सरकने लगा जानवी ने उसे गर्दन हिलाकर नाका इशारा किया जानवी की आंखों में आंसू भर गए थे पर सिद्धार्थ नहीं रुका उसने धीरे-धीरे उसे चैन को नीचे तक खींच दिया और अब जानवी की पीठ उसे दिखाई दे रही थी जिसमें उसने ब्लैक कलर की ब्रा पहनी थी उसकी पीठ पर सिद्धार्थ ने हल्के से अपने हाथ को फिर आया जानवी की आंखों से आंसू बह निकले सिद्धार्थ उसे आईने से रहा था और जानवी को सिद्धार्थ के हाथ अपने पीठ पर चलते हुए महसूस हो रहे थे वह लगातार आंखें बड़ी करके सिद्धार्थ को देखे जा रही थी और आंखों से उसे मुझे कर रहा था वह करने के लिए मना कर रही थी पर सिद्धार्थ नहीं रुख उसने एक हाथ से जानवी का मुंह बंद रखा था और अचानक ही जानवी को पलट कर अपनी तरफ खड़ा कर दिया जानवी के मुंह से आवाज ही नहीं निकल रही थी वह बस सिद्धार्थ को देख रही थी और अपने कदम पीछे लेने लगी सिद्धार्थ भी आगे की तरफ बढ़ने लगा जानवी पीछे होते होते एक दीवार से टकरा गई और सिद्धार्थ भी वहीं रुक गया सिद्धार्थ ने जानवी के बालों को पकड़ा और उसके फेस को ध्यान से देखने लगा जानवी उसकी आंखों में देखकर डरने लगी वह लोग इतने नजदीक थे कि दोनों एक दूसरे की सांसों को महसूस कर सकते थे सिद्धार्थ ने अचानक ही उसके खाते होठों पर अपने होंठ रख दिए और उसे पैशनेट की किस करने लगते हैं वह जानवी के होठों को चूसने लगा जानवी की तो मानो शशि रुक गई कुछ पल के लिए उसे समझ ना आया कि वह क्या करें फिर अचानक से उसे याद समझ आया कि उसके साथ क्या हो रहा है और वह सिद्धार्थ को पीछे की ओर धकेलना लगी पर सिद्धार्थ जैसा जाता इंसान उसे हल भी ना पाया सिद्धार्थ के उसके दोनों हाथों को पकड़ा और ऊपर हवा में अपने हाथों से पकड़ लिया और वह अभी भी जानवी के होठों को चूस रहा था ,पर जानवी अपने होंठ नहीं खोल रही थी और यह बात सिद्धार्थ को गुस्सा दिला रही थी उसने जोर से जानवी के निचले होठों को व्हाइट कर लिया और जानवी ने हां करने के लिए होंठ खोल सिद्धार्थ के मुंह में अपनी जेब इंटर कर दी और उसके मुंह को एक्सप्लोर करने लगा सिद्धार्थ यह कर तो गुस्से में रहा था पर अचानक ही पता नहीं उसे क्या हुआ क्यों जानवी को छोड़ने को तैयारी नहीं था और यहां जानवी की सांस अटकी थी वह जानवी को जोर से किस किया जा रहा था जब उसे ऐसा महसूस हुआ की जानवी सांस नहीं ले पा रही है तो उसने जानवी के होठों को छोड़ा।
जानवी इस जोर-जोर से सांस लेना शुरू किया और जैसे ही वह असेंबली उसने सिद्धार्थ पर हाथ उठाने के लिए अपना हाथ आगे कर दिया पर सिद्धार्थ ने उसका हाथ हमें में ही रोक दिया और कहां दोबारा यह गलती करने की कोशिश भी मत करना वरना अभी तो सिर्फ किस किया है आगे भी बढ़ सकता हूं और कसम से तुम्हें कोई भी मुझे बचा नहीं पाएगा मैं तुम्हारी फैमिली तुम्हारा भगवान याद रखना और अब तुम्हारा जीना मैं दुगना कर दिया तो मेरा नाम पर सिद्धार्थ नहीं है सिद्धार्थ जाने लगा ध्यान भी नहीं उसे कहा इतनी गिरे हुए हो तुम तुम्हारे घर में मां बहन नहीं है क्या मैं तुमसे माफी मांगने आने वाली थी पर अच्छा हुआ मैं माफी नहीं मांगी तुम जैसे गिरे हुए इंसान से देहाती घटिया गिरे हुए इंसान हो तुम सिद्धार्थ में उसे पलट के देखा सिद्धार्थ की लाल-लाल आंखों से जानवी एक पल के लिए डर के पीछे हो गई सिद्धार्थ गुस्सा होते हुए चिल्लाया चुप अब एक शब्द नहीं तुझ जैसी लड़कियों को तो मैं मू नहीं लगता, आज के बाद मेरे रस्ते में आने की कोशिश भी मत करना समझी और गुस्से में वहां से चला गया जानवी ने उसे जाते हुए देखा और कहा पागल साला 10 मिनट किस करने के बाद बोलता है कि तुझे लड़की को मुंह नहीं लगता इसे तुम्हें देख लूंगी और अपना पर पटकते हुए मैं अपने आप को आईने में देखा हर एक पल के लिए घबरा गई क्योंकि उसका ब्लाउज आधे से ज्यादा निकल चुका था उसने डर के मारे फटाफट दरवाजा लॉक किया और कपड़े बदलने लग गई।
जानवी चेंज करके बाहर आए चैतन्य उसका वेट कर रहा था और उसके दोस्त भी सब लोगों ने उसे कंग्रॅचूलेट किया और जानवी का मूड ऑफ हो चुका था उसने सबको बुझे मन से थैंक यू कहा और चैतन्य को कहा चलो मेरे सर दर्द हो रहा है मुझे घर जाना है चैतन्य ने ओके बट मैंने सोचा था आज रेस्टोरेंट चल के तुम्हारी जीत सेलिब्रेट करेंगे जानवी ने उसे देखा और स्माइल देते हुए का फिर कभी आज घर चलते हैं मेरा मूड ऑफ हो गया है चैतन्य ने कहा सिद्धार्थ की वजह से जानवी ने एक पल के लिए उसे देखा और हा में सर हिलाया और कहा कि बस अब वह कमीना कॉलेज में कोई सीन ना क्रिएट करें चैतन्य ने कहा डोंट वरी वह बहुत बिजी रहता है शायद तुम्हें भूल भी जाएगा उसके पास इतना टाइम नहीं है कि वह छोटी-मोटी चीजों में अपना टाइम वेस्ट करें तुम जानती नहीं हो उसे बहुत ही खतरनाक इंसान है वह इसलिए दोबारा अगर कहीं मिले तो चुपचाप वहां से निकाल लेना जानवी ने उसे घूर कर देखा और कहां डरती नहीं हूं मैं उसे समझे इस पर चैतन्य हंस दिया और कहा वह तो मुझे स्टेज पर ही पता चल गया था जब तुमने उसे देखा और तुम्हारे हाथ पैर कांपने लगे थे और मुंह खुला का खुला रह गया था जोर से हंसने लगा।
जानवी ने उसकी पीठ पर एक मुक्का मार और उसे धकेलते हुए कहा अब चलो बार-बार उसका नाम मत लो। चैतन्य ने जानवी को घर छोड़ा और वहां से उसे बाय बोलकर चला गया जान भी अपने घर में ए सब लोग उसकी ट्रॉफी देखकर बहुत खुश हुए जानवी ने कहा मम्मी मैं आराम करना चाहती हूं आज बहुत थक गई हूं उसमें सिद्धार्थ वाली बात किसी को नहीं बताई ताकि घर में कोई परेशान ना हो और थोड़ी डाट उसे भी पड़ती है इसलिए उसने यह वाली बात छुपाई और अपने कमरे में चली गई।
रूम में गई और अपने आप को आईने में देखने लगी अनायास ही उसके हाथ उसके होठों पर चले गए वह अपनी उंगली अपने होठों पर फिर आने लगी और सिद्धार्थ के कि उसे याद आ गई उसने आईने में देखा और कहा उसे इडियट ने मेरी पहले कैसे चुरा ली अब मैं अपने पति को क्या मुंह दिखाऊंगी यह कहकर यह कहकर वह बाथरूम में गई और अपना मूड अगर रगड़कर साफ करने लगे और सिद्धार्थ को अच्छी-अच्छी गालियां देने लगी ।
जानवी वॉशरूम से निकली और कपड़े चेंज करने लगी नाइट ड्रेस पहनते हुए उसे अचानक ही सिद्धार्थ का टच उसकी पीठ पर याद आ गया फिर उसने कहा मैं उसे राक्षस को बार-बार क्यों याद कर रही हूं यह कहकर उसने अपना सर झटका और सोने के लिए चली गई सोते-सोते भी वह सिद्धार्थ को गालियां दे रही थी वह भी गंदी वाली उसे नींद आ गई आज का दिन तो जैसे तैसे निकल गया पर क्या आप जानने की जिंदगी उसी तरह आसान रहेगी या फिर सिद्धार्थ उसे नर्क बना देगा और मुश्किलें खड़ी करेगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा
जानवी सुबह उठी और तैयार होकर नीचे आई उसकी मां ने कहा आज कॉलेज नहीं जाना क्या जान भी नहीं कहा जाना है ना आज तो इंटर्नशिप के लिए कंपनी में अनाउंस होने वाले हैं तो जाना तो पड़ेगा क्योंकि आपको तो पता है ना आपकी बेटी को बिजनेस वूमेन बना है उसकी मां ने उसे कहा बिजनेस वूमेन बाद में बन जाना घर के भी थोड़े काम सीख ले इस पर जान भी नहीं कहा मां मैं यह छोटे-मोटे काम करने के लिए पैदा नहीं हूं मैं बड़े-बड़े काम करने के लिए पैदा हुई हूं ठीक है कर आई हुई अपनी कॉलर को ठीक करने लगी तब उसके भाई ने कहा पहले इंटर्नशिप तो क्लियर कर ले इतनी इजी इंटर्नशिप नहीं मिलते ऑफिस वाले जी भर कर काम लेते हैं उसके बाद पता चलेगा बिजनेस करना है या फिर शादी करके घर बसाना या आसान लगने लगेगा यह कहकर वह हंसने लगा जानवी ने कहा मैं सब संभाल लूंगी तुम जानते नहीं हो मुझे डॉन'टी अंडरस्टीमेट द पावर ऑफ जानवी यह कहकर वह हंसने लगी । जानवी कॉलेज के लिए निकल गई आज उसने अपनी स्कूटी ली और कॉलेज जाने लगी क्योंकि चैतन्य को ऑफिस जाना था उसे कुछ काम था जी हां चैतन्य ऑफिस जाता था वह भी एक बिजनेसमैन था वह तो जानवी के प्यार में रोज उसका ड्राइवर बना करता था पर आज उसे कुछ जरूरी मीटिंग की वजह से जाना पड़ा तो जानवी आज अपनी तैयारी बसंती पर बैठकर कॉलेज जाने लगी रास्ते में उसे दिया मिले उसने उसे भी बिठा लिया दोनों मस्त गाना गाते हुए जाने लगे तभी अचानक से एक कर आए और जानवी की स्कूटी और कर दोनों में टक्कर हो गई जानवी रिया दोनों नीचे गिर गए जानवी ने उठाते हुए का इसकी... मां
. की आंख दिखाई नहीं देता अंधा है क्या? यह कहकर गुस्से में खड़ी हुई और जाकर कर का शीशा खटखटाया और जैसे ही शीशा नीचे आया जहान्वी का मुंह खुला का खुला रह गया जी हां वह कर किसी और कि नहीं बल्कि सिद्धार्थ राठौर की थी जिसे आज को खुद ड्राइव कर रहा था अब जानवी को समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करें क्योंकि जिस हिसाब से उसने गाली दी थी पक्का सिद्धार्थ ने सुन ली थी सिद्धार्थ ने उससे कहा तुम बार-बार मेरे रस्ते में आ रही हो क्या अमीर लड़कों को फसाने के लिए सोच रही हो यह सुनकर जानवी को तो गुस्सा ही आ गया उसने अपनी कमर पर हाथ रख उसे सिद्धार्थ की तरफ उंगली करते हुए अपनी जुबान को लगाम दो मैं ऐसी वैसी लड़की नहीं हूं समझे और मैं नहीं तुम मेरे रस्ते में आ रहे हो जब देखो मुझे टकराते रहते हो और दूसरी बात तुम अपने आप को लड़का क्यों कह रहे हो अंकल हो अंकल जैसे ही सिद्धार्थ में अपने लिए अंकल सुनो वह आग बबूला हो गया उसने कहा अपनी जबान को लगा लो वरना इस खींच के तुम्हारे हाथ में रख दूंगा जान भी नहीं कहा मेरा कद भले ही छोटा है पर मेरी जुबान बहुत लंबी है तुम खींच नहीं पाओगे समझे और मुझे तो लगता है तुम ही मेरे पीछे पड़े हो सुंदर लड़की देखी नहीं कि उसके पीछे पड़ गए बहुत अच्छा रास्ता चुना है तुमने लड़की पटाने का सिद्धार्थ ने कहा तुम जैसी लड़कियां मेरे पीछे पागल है समझी इस पर जानवी ने तुरंत कहां पागल है इसलिए तुम्हारे पीछे पड़ी है समझे और इतना कहकर वह ताली बजाकर हंसने लगी सिद्धार्थ को बहुत गुस्सा आया उसने कहा अब मेरे बर्दाश्त के हाथ पर हो चुकी है पहले तो सोचा था तुम्हें बच्चा समझ के छोड़ दूंगा पर अब नहीं जानवी ने कहा बच्चा किसको कह रहे हो मैं बच्ची नहीं हूं मैं एडल्ट हूं समझे फिर अचानक के सिद्धार्थ ने उसका हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खींचा और जानवी झटके से उसके सीने से लग गई सिद्धार्थ ने उसके कानों में कुछ बताते हुए काम मैं तो तुम्हें बच्ची समझ कर छोड़ रहा था और वह तुम्हें एडल्ट है तो बहुत कुछ किया जा सकता है तुम्हारे साथ इतना कहकर उसने तिरछी स्माइल दी जाकर कर में बैठ गया और वहां से चला गया।
वह चला गया तो तो जानवी ने कहा बेशर्म कहीं का और जैसे ही वह पीछे मुड़ी तो देखा रिया अब तक नीचे ही पड़ी हुई थी जानवी ने देखा इसकी हेडलाइट टूट गई है उसने रिया को उठाया अपनी स्कूटी उठाई और कहा कुत्ता कमीना कहीं का मेरी स्कूटी की हेडलाइट तोड़कर चला गया अब इसके पैसे कौन देगा इसका बाप देगा रिया ने कहा जाने दे चल कॉलेज के लिए लेट हो रहे हैं। जानवी ने अपनी स्कूटी उठाई और कॉलेज के लिए निकल गई वहां जाकर देखा तो नोटिस बोर्ड पर बहुत भी लगी थी सबके नाम के आगे उनके इंटर्नशिप कंपनियों की लिस्ट लगी थी जानवी भीड़ को चीरते हुए फटाफट नोटिस बोर्ड के पास पहुंचे और अपने नाम के आगे उसने देखा राठौर इंडस्ट्री का नाम लिखा था वह बहुत खुश हो गई क्योंकि राठौर इंडस्ट्री में काम करना बहुत से लोगों का सपना था और उसे तो वहां इंटरशिप मिल गई थी जानवी और रिया दोनों दोस्तों का एक ही कंपनी में नाम आया था जिसे जानवी और ज्यादा खुश हो गई उसने एरिया से खुश होते हुए कहा वो देखा मैंने कहा था ना अब हम दोनों राठौर इंडस्ट्री में काम करेंगे और अपने मां-बाप का नाम करेंगे और फिर उसने हंसते हुए कहा अरे यार यह तो मैं राइम्स बना दी और वह दोनों ताली मार कर हंसने लगी पर उन दोनों को नहीं पता था कि वह लोग के हंसी बस कुछ समय के लिए है रिया और जानवी दोनों कैंटीन चले गए और वहां जाकर उन दोनों ने अपने लिए सैंडविच आर्डर किया और सेलिब्रेट करने लगी कि इतनी बड़ी कंपनी में उन लोगों का नाम आया है और उन लोगों को नहीं पता था की राठौर इंडस्ट्री किसी और कि नहीं सिद्धार्थ की है अब सिद्धार्थ जानवी के साथ क्या करेगा यह तो शिवजी ही जाने पर फिलहाल जानवी खुश थी उसने अपने घर पर फोन करके बता दिया ।
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